Khyaal The Path Of Truth

As Khyaal.co.in we offering you A new way of blogging where people share truth in form of poetry and quotes

Banner

Search For

Women

khyaal.co.in
khyaal.co.in
स्त्री की अभिलाषा
स्त्री की अभिलाषा चाह नहीं मैं सुरबाला बन ,
किसी का पथ भटकाऊ ।

चाह नहीं प्रेमिका बन ,
' मीरा बाई ' कहलाऊ ।

khyaal.co.in
khyaal.co.in
चरित्रवान
चरित्रवान अगर चरित्र हो श्वेत , स्वच्छ , और निर्मल ,
तो उसमे हजारों रंग भर लेना ,
वरना ये दुनिया उसमे दाग ढूँढेगी ।

khyaal.co.in
khyaal.co.in
सीता राम से पुरुषोत्तम राम
सीता राम से पुरुषोत्तम राम मत छूना कागा मेरी सिए को , मैनें उसे बड़े प्रयत्न से पाया है …
khyaal.co.in
khyaal.co.in
नव रस और प्रकृति
नव रस और प्रकृति नव रस का रसपान , प्रकृति करती हर पल , विभक्त नही है कोई किसी से , शुद्ध से सकल । सिन्दूरी पटल , हरी वसुंधरा , और समुन्द्र का सार, नीला - नीला गगन , और चांद तारों का " श्रृंगार "।
khyaal.co.in
khyaal.co.in
श्री कृष्ण की शिक्षा
श्री कृष्ण की शिक्षा रासलीला रचकर, दी शिक्षा श्री कृष्ण ने, मत करना काम, अर्थ समझाया निष्काम प्रेम ने। मथुरा से पलायन कर, दी शिक्षा श्री कृष्ण ने, मत बहाना रक्त, निजी स्वार्थ की भावना में।
khyaal.co.in
khyaal.co.in
माँ की शिक्षा
माँ की शिक्षा माता सरस्वती::: माँ होती हैं प्रथम गुरु जो बनाती है समाज का भविष्य, देव बने या दानव माँ करती है निश्चय।
khyaal.co.in
khyaal.co.in
सतर्क रहें
सतर्क रहें अधिक मिठास करती मुख कड़वा, जिसके पीछे होता छल, चक्रव्यूह है जीवन संरचना, सतर्कता ही है इसका हल।
khyaal.co.in
khyaal.co.in
वात्सल्य का भेद
वात्सल्य का भेद बिना भोजन किए मेरा पेट भरने लगी, तृप्त करके मुझे सीने से लगाने लगी। मेरी मुस्कराहट से वो मुस्कराने लगी, गोद में मुझे भरकर वात्सल्य पाने लगी।
khyaal.co.in
khyaal.co.in
नारी का अस्तित्व
नारी का अस्तित्व जस 'नारी' 'तस' 'नदी', तीरे-तीर आन, जिसकी मर्यादा को पिता, पति, पुत्र, बांधे बांध। राख न होती कभी, सकरी हो जाती, ऊ:स्थल से मुख मोड़, नि:स्थल पर राह बनाती।
khyaal.co.in
khyaal.co.in
चावल के दो दाने
चावल के दो दाने तृप्त हुए कृष्ण खाकर चावल के दो दानें, पेट भर दिया सबका खाकर चावल के दो दाने मन भरमाया ऋषि - मुनियों का जब, लौट गए ऋषि - मुनि आशिष देकर तब ।

Ready to dive in? Share your creation.